
बालोतरा जिले में खाद्य सुरक्षा फूड सेफ्टी का जिम्मा कई वर्षों से एक ही फूड इंस्पेक्टर के भरोसे है, जिस पर त्यौहारों के दौरान मिलावट के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई न करने और कार्यवाही के नाम पर मोटी रकम वसूलने के गंभीर आरोप लगे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के सीएमएचओ ने भी इस संबंध में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है, जिससे मिलावटखोरों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है। एक इंस्पेक्टर, वर्षों से जमावड़ाबताया जाता है कि जिले में खाद्य सुरक्षा का कार्यभार वर्षों से सिर्फ एक ही इंस्पेक्टर संभाल रहे हैं। इस लंबे कार्यकाल के दौरान उनके कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। विशेषकर त्यौहारों के समय, जब दूध, मावा,घी,तेल और मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है और मिलावट की आशंका सबसे अधिक होती है, तब भी बड़ी कार्यवाही देखने को नहीं मिलती।
‘वसूली’ के आरोप:विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, त्यौहारों के दौरान बड़ी कार्यवाही न करने के पीछे की मुख्य वजह भ्रष्टाचार है। आरोप है कि फूड इंस्पेक्टर कार्यवाही करने के बजाय, व्यापारियों से ‘समझौता’ करते हैं और कार्यवाही के नाम पर मोटी रकम की वसूली करते हैं। यही कारण है कि बाज़ार में खुलेआम मिलावटी और अमानक खाद्य सामग्री बेची जा रही है, जिस पर कोई रोक नहीं लग पा रही है।
सीएमएचओ की चुप्पी:स्वास्थ्य विभाग के मुखिया होने के नाते, सीएमएचओ की जिम्मेदारी बनती है कि वे खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करें। हालांकि, इस पूरे मामले में सीएमएचओ ने अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया है। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने न तो इंस्पेक्टर के काम की समीक्षा की है और न ही त्यौंहारों पर सघन जांच अभियान चलाने का कोई स्पष्ट निर्देश दिया है। उनकी इस चुप्पी पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
आम जनता के स्वास्थ्य पर खतरा:बाज़ार में बिक रहे मिलावटी खाद्य पदार्थों के कारण आम जनता के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, मिलावटी मिठाइयां और अन्य खाद्य पदार्थ पेट संबंधी बीमारियों से लेकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं तक का कारण बन सकते हैं।यह मामला न केवल खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाता है, बल्कि जिले के स्वास्थ्य प्रशासन की संवेदनहीनता को भी उजागर करता है। अब देखना यह है कि क्या उच्च अधिकारी इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हैं और जनता को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए कोई ठोस कदम उठाते हैं। इनका कहना है…..
सीएमएचओ वांकाराम चौधरी ने कहा कि कार्रवाई चल रही है
इनका कहना है किसान पर्यावरण संरक्षण समिति दिनेश सिंह जनता की निराशा: यह दर्शाता है कि लोग अधिकारी के ऐसे रटे-रटाए जवाबों से परेशान और निराश हैं, क्योंकि उन्हें वास्तविक समाधान नहीं मिल रहा है।

