बालोतरा। जिले के निकटवर्ती ग्राम तिलवाड़ा में माली समाज की महिलाओं द्वारा समंदर हिलोरने की रस्म निभाई। सामाजिक समरसता की अनोखी परंपरा करते हुए बता दें कि बहनें भाईयों की लंबी आयु के लिए समुद्र हिलोरा उत्सव मनाती हैं। इस परंपरा को बनाए रखने तिलवाड़ा गांव में अनन्त चतुर्थी पर नाड़ी पर माली समाज के भाई बहनों ने समंदर हिलोरा। तालाब में खड़ी बहनों को भाईयों ने चुनरी ओढाकर बाहर निकाला। तालाब पर महिलाएं हिलोरा रस्म परंपरा में शामिल रही।

इस दौरान महिलाओं में विभिन्न तरह के परिधानों से सज-धज कर उत्साह देखने को मिला।महिलाओं ने गीतों का गुणगान किया। उन्होंने ओ म्हारा सासु जी समदरियो हिलोरा खाएं,,, जैसे गीतों का संगान कर पुरानी परंपरा निभाई। इससे पूर्व महिलाओं ने पूरे दिन व्रत भी रखा। भाइयों ने बहनों को उपहार भेंट व चुनरी ओढाकर तथा एक दूसरे को पानी पिलाया। भाइयों ने अपनी बहन के ससुराल में सुख समृद्धि की भगवान से कामना की।
समुद्र हिलोरा कार्यक्रम तालाब किनारे उत्सव जैसा माहौल रहा। महिलाओं के द्वारा मंगलगीत गाते हुए नाचती हुई तालाब पहुंची। तालाब किनारे सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जमा हुए।

कार्यक्रम स्थल पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण समंदर हिलोरा कार्यक्रम को उत्साहित होकर देखने पहुंचे। महिलाओं, बच्चों और युवाओं में परंपरा का उत्साह दिखा।

