
(बालोतरा)आज के डिजिटल युग में जहाँ तकनीकी साक्षरता शिक्षा का आधार बनती जा रही है, वहीं बालोतरा के एक होनहार छात्र ने सरकारी शिक्षण संस्थानों को तकनीक से जोड़ने की एक नई इबारत लिखी है। 11वीं कक्षा के छात्र गोपाल पटेल ने ‘क्लिकशाला: डिजिटल स्कूल मिशन’ के माध्यम से सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन करने का बीड़ा उठाया है।डिजिटल समाधान से सुसज्जित हो रहे सरकारी विद्यालयगोपाल पटेल द्वारा शुरू किया गया यह मिशन सरकारी स्कूलों को पेपरलेस और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस नवाचार की शुरुआत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पारलू से हुई, जहाँ गोपाल ने न केवल स्कूल की वेबसाइट का निर्माण किया, बल्कि पूरे रिजल्ट और रिकॉर्ड प्रबंधन तंत्र को ऑनलाइन कर दिया है। इस पहल के बाद, अब विद्यालय के छात्र और अभिभावक कहीं से भी, किसी भी समय अपना परीक्षा परिणाम और महत्वपूर्ण सूचनाएं केवल एक क्लिक में प्राप्त कर सकते हैं।प्रशासनिक सराहना का मिला सम्मानगोपाल के इस निस्वार्थ सेवा भाव और तकनीकी दक्षता ने विद्यालय प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पारलू के प्रधानाचार्य ने उनके इस सराहनीय कार्य की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए उन्हें सरकारी प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान न केवल गोपाल की प्रतिभा का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि यदि सही दिशा में प्रयास किए जाएं, तो युवा शक्ति समाज के बड़े बदलाव का कारण बन सकती है।बजट की बाधाओं को तोड़ती आधुनिक सोचगोपाल का मानना है कि सरकारी विद्यालय किसी भी स्तर पर तकनीक में पीछे नहीं रहने चाहिए। उनका उद्देश्य स्पष्ट है—बजट की कमी को शिक्षा के डिजिटलीकरण में आड़े नहीं आने देना। वे अपने तकनीकी कौशल को समाज सेवा का माध्यम बनाकर बालोतरा जिले के प्रत्येक सरकारी स्कूल तक पहुंचना चाहते हैं, ताकि गांव-देहात के छात्रों को भी शहरी स्तर की डिजिटल सुविधाएं सुलभ हो सकें।हर स्कूल के लिए खुला निमंत्रण’क्लिकशाला: डिजिटल स्कूल मिशन’ अब बालोतरा के हर सरकारी विद्यालय के लिए उपलब्ध है। गोपाल ने जिले के सभी सरकारी स्कूलों को खुला निमंत्रण देते हुए कहा है कि जो भी विद्यालय अपनी शैक्षणिक व्यवस्था को डिजिटल बनाना चाहता है, वह उनके इस मिशन से जुड़ सकता है। शिक्षा के क्षेत्र में उनकी यह निःशुल्क पहल आने वाले समय में जिले की पूरी शिक्षा व्यवस्था के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।

